Posts

Showing posts with the label hindi poem

मेरा चंदा

                                                                        मेरा चंदा मेरा चंदा घुमे   पृथ्वी   के चारो   और एक दिन   मैं   तार जैसा दुसरे दिन मोटा ओर हर दिन बड़ता जाय एक दिन फिर ऐसा ऐया मेरा चंदा खूब फैलया आसमान मैं पूरा चमका चारों और फलाई चांदनी ये   दिन सबको याद है रहता तबी ये चोदवी का चाँद   कहलाता मेरा चंदा मेरा चंदा आसमान मैं दिखता रोज़ मैं भी चमकूँ चंदा   जैसा रोज़ रोज़ और हर रोज़